Thursday, April 18, 2019

朝鲜试验新武器:金正恩向特朗普施压

在今年2月美朝领导人河内峰会不欢而散后,朝鲜多次通过公开讲话向美国喊话,向美国施压,最近将之付诸行动。朝中社报道称,17日金正恩参观并指导了朝鲜新型战术制导武器射击试验,分析人士认为,这显然是朝鲜在向美国传递信号。

朝中社称,试验中根据目标不同采取了多种射击方式,“完美验证了”这一武器的各项设计指标,但没有披露武器的具体型号及细节信息。

“这明显是一个政治性行为,”清华-卡内基全球政策中心研究员赵通认为,朝鲜意在向美国展示自己有能力进行军事技术发展,“让美国认识到局势可能会继续升级,从而尽快重启谈判,”他对BBC中文表示。

这是朝鲜自河内峰会后首次进行武器试验。自特朗普与金正恩2月在河内会面后,朝鲜核问题谈判没有明显进展。

朝中社称,这种新型武器“飞行制导方式特殊,可搭载威力强大的弹头”。此前一直密切关注朝鲜导弹发射动向的美国与韩国均未就此表态。

赵通认为,这种新武器应该是战术武器系统,防御性质较为明显。比较让人担忧的可能是某种短程巡航或弹道导弹,“但肯定不携带真实弹头,与战略武器相差较远,还有可能是常规火箭弹,比导弹性质更轻。”

但他表示,不论是哪种可能,朝鲜都在摆出发展自卫性战术武器的姿态,“与具有挑衅性的远程打击进攻型武器有明显不同。”

除此之外,朝鲜并未向外界透露太多与武器有关的信息。釜山国立大学政治系教授罗伯特·凯利(Robert Kelly)告诉BBC,朝鲜“故意想引起外界的猜测”。

“如果公布了具体信息,美国可能发现这只是一款能力比较初级的武器,这会影响朝鲜发出信号的威慑作用,”赵通解释称。

朝鲜这种策略之前也有迹可循。去年11月在美朝谈判陷入僵局时,朝鲜曾宣称进行武器测试,也未公布武器具体型号与更多细节。

自河内谈判破裂后,美朝之间未能取得明显突破。金正恩最近在最高人民会议发表施政讲话时表示,朝鲜“与美国之间的对峙具有长期性特征”,朝鲜须“始终铭记只有军力强大才能保证和平这条铁的真理,不断巩固国防力量”。

金正恩还称,朝鲜愿意与美国进行第三次领导人会谈,但美国需要“端正态度”。

美国战略研究中心(CSIS)本周表示,在朝鲜延边核反应中心发现活动迹象,朝鲜可能重新开始处理用于制作导弹燃料的放射性物质。

“这次试验提醒大家注意一个重要事实:金正恩从未承诺停止所有武器试验,他承诺的只是有能力袭击美国本土的核武器及洲际导弹,”美国智库国家利益中心(Center for the National Interest)专家哈里·卡奇亚尼斯(Harry Kazianis)向路透社表示。

虽然特朗普表示,如果美朝双方充分了解彼此立场,第三次美朝峰会“会不错”,但美国没有发出特别愿意让步的信号。美国国家安全顾问博尔顿(John Bolton)周三向彭博社表示,在第三次峰会前,美国需要看见显示朝鲜作出放弃核武器的战略决定的“实质性迹象”。

“朝鲜明显在表达自己的强硬,督促美国尽快降低谈判要求,”赵通说。

他还认为,这次试验可能不会引起中国以及俄罗斯等半岛问题当事方的极大反应。“朝鲜刻意宣布这是战术试验,表明朝鲜认为这是非常克制性的做法,会取得俄罗斯的理解,不会对正在紧锣密鼓的俄朝峰会带来不利影响,同时也有信心会取得中方理解,不会引发中国过于强烈的反应。”

俄罗斯克林姆林宫日前表示,正在积极筹备俄朝领导人会谈,具体时间地点未定。而韩联社报道称,俄罗斯总统普京极有可能在下周赴北京参加一带一路峰会前与金正恩在俄罗斯符拉迪沃斯托克见面,且赴俄途中可能乘坐火车经过中国,以显示中俄对朝鲜的支持。

与此同时,美国与朝鲜在放弃核武器与放宽制裁之间的分歧依然存在。赵通认为,在这种矛盾面前,俄罗斯或者中国能做的都十分有限。

“这种分歧只能靠美朝双方的磨合与角力来解决,未来(朝鲜核问题的)发展依然存在相当大的不确定性,”他说。

Wednesday, March 13, 2019

ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट गिरे, ख्वाजा ने करियर का दूसरा शतक लगाया; स्कोरकार्ड देखें

खेल डेस्क. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैच की सीरीज का आखिरी वनडे दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम पर खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। झाए रिचर्डसन और पैट कमिंस क्रीज पर हैं। इससे पहले उस्मान ख्वाजा और एरॉन फिंच ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी की। ख्वाजा ने करियर का दूसरा शतक लगाया। उन्होंने 106 गेंद पर 100 रन बनाए। दूसरी ओर पीटर हैंड्सकॉम्ब ने करियर का चौथा अर्धशतक लगाया। उन्होंने 52 रन बनाए।

ख्वाजा भारत के खिलाफ किसी भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। इस सूची में जॉर्ज बेली हैं। बेली ने 2013 में भारत के खिलाफ 6 पारियों में 478 रन बनाए थे। हालांकि, ख्वाजा की यह पांचवीं पारी ही है।

पहला विकेट (14.3 ओवर) : भारत को पहली सफलता 15वें ओवर की तीसरी गेंद पर मिली। रविंद्र जडेजा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच को बोल्ड कर दिया। फिंच ने 43 गेंद पर 27 रन बनाए।

दूसरा विकेट (32.6 ओवर) : भुवनेश्वर 33वें ओवर की आखिरी गेंद पर ख्वाजा को पवेलियन भेजा दिया। ख्वाजा ने हैंड्सकॉम्ब के साथ दूसरे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की। ख्वाजा ने अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के लगाए।

तीसरा विकेट (33.5 ओवर) : ख्वाजा के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे ग्लेन मैक्सवेल ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। उन्हें जडेजा ने कप्तान कोहली के हाथों कैच आउट कराया। मैक्सवेल तीन गेंद पर सिर्फ एक ही रन बना सके।

चौथा विकेट (36.2 ओवर) : मैक्सवेल के आउट होने के बाद क्रीज पर लंबे समय से टिके हैंड्सकॉम्ब भी आउट हो गए। शमी की गेंद पर उन्होंने विकेटकीपर ऋषभ पंत का कैच थमा दिया।

पांचवां विकेट (41.2 ओवर) : पिछले मैच के हीरो रहे एश्टन टर्नर इस मैच में कुछ खास नहीं कर सके। उन्हें 20 रन के निजी स्कोर पर कुलदीप ने पवेलियन भेज दिया। कुलदीप की गुगली को वे पढ़ नहीं सके और जडेजा के हाथों में कैच थमा बैठे।

छठा विकेट (44.2 ओवर) : भुवनेश्वर ने दूसरी सफलता हासिल करते हुए मार्क्स स्टोइनिस को बोल्ड कर दिया। स्टोइनिस ने 27 गेंद पर 20 रन बनाए। भुवनेश्वर की गेंद पर कट लगाने के चक्कर में वे प्लेड-ऑन हो गए
सातवां विकेट (45.5 ओवर) : शमी ने भारत को सातवीं सफलता दिलाई। उन्होंने एलेक्स केरी को पंत के हाथों कैच कराया। वे नौ गेंद पर तीन रन ही बना सके। शमी को दूसरी सफलता मिली।

दोनों टीमों ने दो-दो बदलाव किए

इस वनडे के लिए ऑस्ट्रेलिया ने टीम में दो बदलाव किए। शॉन मार्श की जगह मार्क्स स्टोइनिस को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। वहीं, नाथन लियोन की वापसी हुई है। इस कारण जेसन बेहरेनडॉर्फ को बाहर बैठना पड़ेगा। भारतीय टीम प्रबंधन ने भी दो बदलाव किए हैं। इस मैच में युजवेंद्र चहल की जगह रविंद्र जडेजा शामिल किए गए हैं। वहीं, मोहम्मद शमी को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने के कारण केएल राहुल को बाहर बैठना पड़ा है।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, विजय शंकर, केदार जाधव, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह।

ऑस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), उस्मान ख्वाजा, पीटर हैंड्सकॉम्ब, मार्क्स स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, एश्टन टर्नर, एलेक्स केरी, झाए रिचर्ड्सन, पैट कमिंस, एडम जम्पा, नाथन लियोन।

टीम इंडिया हारी तो 10 साल बाद घर में ऑस्ट्रेलिया से सीरीज गंवाएगी

दोनों टीमें अभी सीरीज में 2-2 से बराबरी पर हैं। ऐसे में जो भी टीम यह वनडे जीतेगी, सीरीज उसकी होगी। टीम इंडिया यदि इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराती है तो घरेलू मैदान पर उसकी लगातार 7वीं द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत होगी। वहीं, यदि ऑस्ट्रेलिया टीम इंडिया को हराती है तो वह 10 साल भारत में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतेगी। हालांकि, पिछला रिकॉर्ड देखें तो ऑस्ट्रेलिया के लिए यह सीरीज जीतना आसान नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अब तक 181 द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेली हैं, लेकिन कभी भी वह 0-2 से पिछड़ने के बाद सीरीज नहीं जीत पाई है। यही नहीं, भारत के खिलाफ पांच मैच की शृंखला में 0-2 से पिछड़ने के बाद कोई भी टीम उससे सीरीज जीत नहीं पाई है।

फिंच के पास बतौर कप्तान पहली सीरीज जीतने का मौका

ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2009 में भारत में वनडे सीरीज जीती थी। तब उसने 6 वनडे की सीरीज में भारत को 4-2 से हराया था। ऑस्ट्रेलिया का जीतना कप्तान एरॉन फिंच के लिए भी व्यक्तिगत उपलब्धि होगी। उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया पहली बार वनडे सीरीज जीतेगी। फिंच की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम चौथी सीरीज खेल रही है। इससे पहले उसे तीनों में हार मिली है। ऑस्ट्रेलिया ने फिंच की अगुआई में अब तक 12 वनडे खेले हैं। इनमें से कंगारुओं को 4 में जीत, जबकि 8 में हार मिली है।

बतौर कप्तान विराट ने घर में कभी वनडे सीरीज नहीं गंवाई

उधर, विराट कोहली की अगुआई में टीम इंडिया अब तक घरेलू मैदान पर एक भी वनडे सीरीज नहीं हारी है। उनकी अगुआई में टीम इंडिया ने घरेलू मैदान पर अब तक पांच वनडे सीरीज खेलीं और सभी जीतीं। ऐसे में दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया को हराकर कोहली अपना यह व्यक्तिगत रिकॉर्ड बरकरार रखना चाहेंगे। हालांकि, टीम इंडिया का हालिया हालिया प्रदर्शन, खराब फील्डिंग, ओपनिंग क्रम के प्रदर्शन में निरंतरता और सही संयोजन की कमी से टीम मैनेजमेंट चिंतित है।

कोटला पर टीम इंडिया का सक्सेस रेट 60%

फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में भारतीय टीम ने अब तक 20 वनडे खेले हैं। इनमें से उसने 12 जीते हैं, जबकि 6 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। एक वनडे रद्द हो गया, जबकि एक बेनतीजा रहा। टीम इंडिया इस मैदान पर पिछले 5 में से 4 वनडे में जीतने में सफल रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया इस मैदान पर 4 वनडे खेल चुके हैं। इनमें से भारत ने तीन और ऑस्ट्रेलिया ने एक मैच जीता है। दोनों के बीच इस मैदान पर आखिरी वनडे 31 अक्टूबर 2009 को खेला गया था। भारत ने उस मैच को 6 विकेट से जीता था।

Friday, February 15, 2019

三度落网 谁是墨西哥大毒枭华金·古兹曼

美国纽约联邦法院星期二(2月12日)判处绰号为“矮子”(“El Chapo”)的墨西哥大毒枭华金·古兹曼(也称华金·古斯曼Joaquin Guzman)贩毒等10项罪名全部成立。

虽然法院目前还没有对古兹曼进行量刑,但这意味着他很可能在监狱中度过余生。

古兹曼的律师说,他们将计划上诉。

古兹曼过去曾两次成功越狱出逃,他是在第二次越狱后在2016年被抓获,并于2017年被成功引渡回美国的。

他今年61岁,统领势力强大的墨西哥锡那罗亚贩毒集团(Sinaloa Cartel)。检方称,该集团是“世界上最大、最多产的贩毒组织”,而且是美国最大的毒品供应商。

2009年古兹曼还登上了《福布斯》杂志的世界富人排行榜。古兹曼的净资产估计接近十亿美元,是历史上最富有的毒枭之一。

他被指控向美国出口数百吨可卡因毒品以及秘密制造和分销海洛因,甲基苯丙胺和大麻等毒品。

古兹曼以手段毒辣著称,据说他曾雇用杀手谋杀“数百人”。此外,他还策划了袭击、绑架以及折磨其竞争对手等。

法庭文件指控他的受害者包括年仅13岁的幼女。他被指在这名幼女使用药物昏迷后对其实施性强暴。

据古兹曼的一位前合作人亚历克斯· 西福恩特斯(Alex Cifuentes)交代,古兹曼把年轻少女形容为他的“维他命”,因为他相信与少女发生性行为可以让他充满“活力”。

西福恩特斯还指称古兹曼曾送给墨西哥前总统恩里克·佩纳·涅托(Enrique Pena Nieto)1亿美元。据说涅托在2012年上台后要求古兹曼提供2.5亿美元,作为不再追捕他的条件。涅托对此没有公开置评。

另外一名证人说,古兹曼至少谋杀3名男子。 古兹曼的前保镖作证说,他曾把2名加入竞争对手的手下打成“一摊泥”,然后向他们的头部开枪,之后命令将他们的尸体扔入火中焚烧。

他还把竞争对手的一名贩毒集团的成员烧伤后监禁,之后又把其带到坟场,向他开枪后将其活活烧死。

他还被指让人把自己的堂/表亲杀害,就因为他没有跟他讲真话。此外,他下令把贩毒集团对手头目的兄弟杀死,因为他没有跟他握手。

他的一名前手下主管曾问他为什么要杀人,据称对此古兹曼回答说:“要么你的妈妈哭泣,要么他们的妈妈哭泣。”

古兹曼曾经两次成功越狱,细节惊心动魄,好比好莱坞惊险大片。

2001年,据报他躲在监狱的洗衣篮里被偷运出监狱,在外逍遥了13年后才被墨西哥当局抓回。

2015年7月,他再次从戒备森严的高原监狱(Altiplano)越狱。他儿子在该监狱附近买了一套房子,并把带有GPS(全球定位系统)的手表偷运进监狱。这样,挖掘人员可以精确知道古兹曼牢房的位置。

他们挖了一条长达1.5公里的隧道,在隧道挖掘期间古兹曼曾抱怨他可以听到挖掘隧道的噪音。

隧道完成后,古兹曼骑着一辆改装的特制小摩托从隧道成功出逃。

让墨西哥当局难堪的是,监狱内的摄像头全程拍下了古兹曼从牢房离开,前往浴室并最终消失的过程,但却没有被监狱看守及时发现。

古兹曼的妻子艾玛·科罗内尔(Emma Coronel)曾是前选美冠军,今年29岁,两人育有一对双胞胎。

古兹曼还曾使用手机软件监视他的妻子和情妇的行踪。这些手机短信被美国联邦调查局(FBI)获得,并用于法庭证据。

Friday, February 8, 2019

शाहरुख खान ने अब तक नहीं देखी है अपनी सुपरहिट डेब्यू फिल्म, वजह है दिलचस्प

किसी सुपरस्टार ने अपनी डेब्यू फिल्म ही न देखी हो. डेब्यू फिल्म भी ऐसी जो अपने जमाने में ब्लॉकबस्टर थी. शाहरुख खान ऐसे ही सुपरस्टार हैं. किसी को भले इस बात का यकीन न हो, लेकिन ये सच है. खुद शाहरुख ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि 27 साल बीत जाने के बावजूद वो अपनी डेब्यू फिल्म "दीवाना" नहीं देख पाए हैं. उन्होंने इसकी वजह भी बताई.

सिग्नेचर मास्टरक्लास के एक एपिसोड में शाहरुख ने बताया "अगर मैं फिल्म से जुड़े प्रोसेस को एन्जॉय नहीं करता हूं, तो मैं उन्हें नहीं देखता. ये पसंद या नापसंद का मामला नहीं है. मुझे बस ऐसा लगता है कि अगर मुझे फिल्म शूट करने के दौरान मजा नहीं आ रहा है तो मैं उस फिल्म को नहीं देखता हूं. फिर चाहे वो फिल्म कितनी भी बड़ी ब्लॉकबस्टर हो या लोगों द्वारा कितनी ही पसंद की गई हो. मुझे ऐसी फिल्म देखने पर याद आता है कि वो प्रोसेस अच्छा नहीं था."

शाहरुख ने बताया, "हर किसी की तरह ही मैं भी अपनी फिल्मों के लिए बहुत मेहनत करता हूं और मैं इन फिल्मों को बनाने के दौरान उस प्रोसेस को एन्जॉय करना चाहता हूं. क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता है तो उस फिल्म से कहीं न कहीं मैं दूरी फील करने लगता हूं. यही वजह है कि दीवाना जैसी फिल्मों ने मुझे स्टार बनाया, लेकिन मैंने अबतक ये फिल्म नहीं देखी है. क्योंकि इस फिल्म के दौरान जो प्रोसेस था वो मुझे पसंद नहीं आया था." अपनी फिल्मों को नहीं देखने को लेकर शाहरुख की थ्योरी काफी दिलचस्प है.

जीरो की असफलता के बावजूद शाहरुख का स्टारडम कम नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि उनके पास कई प्रोजेक्ट्स की स्क्रिप्ट्स पड़ी हैं. खबरें आई थीं कि शाहरुख एस्ट्रोनॉट राकेश शर्मा की बायोपिक में काम कर सकते हैं. लेकिन बाद में खबरें आई कि उन्होंने ये फिल्म करने से मना कर दिया. चर्चा है कि वे मधुर भंडारकर की रेत माफिया पर आधारित फिल्म में एक पुलिस इंस्पेक्टर का रोल निभा सकते हैं. चर्चा यह भी है कि वो अपनी डॉन फ्रैंचाइजी की फिल्म में भी काम कसर सकते हैं. वैसे अभी इन फिल्मों को लेकर ज्यादा डिटेल्स सामने नहीं आई हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक पोस्टर में भावी प्रधानमंत्री बताया गया था. इस तरह के पोस्टर मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगा द‍िए गए थे. कार्यकर्ता लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत तय मान रहे हैं और जीत के बाद राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगे. ये तय मानकर अभी से उत्साह‍ित कार्यकर्ता इस तरह के पोस्टर लगा रहे हैं.

राजधानी भोपाल के एक अन्य गोविंदपुरा इलाके में भी राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाया पोस्टर भी चर्चाओं का केंद्र बन गया है. इस पोस्टर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को 'रामभक्त' बताते हुए लिखा है कि 'अयोध्या में राम मंदिर राहुल गांधी बनवाएंगे.' इसके अलावा इसी पोस्टर में मुख्यमंत्री कमलनाथ को 'हनुमान भक्त' बताया गया है.

दरअसल, राहुल गांधी 8 फरवरी को किसान आभार सभा के लिए भोपाल में रहने वाले हैं. भोपाल में इस रैली को सफल बनाने के लिए एक तरफ कांग्रेस इसकी तैयारी में जोर-शोर से जुट गई है तो वहीं कुछ उत्साहित कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वागत के लिए पोस्टर भी लगा दिए हैं.

Friday, January 18, 2019

योगी राज में गायों को 'ठिकाने लगाने' का खेल, किसान बेहाल-गोरक्षक मालामाल

यूपी के किसान आवारा पशुओं के खेत चर लेने जैसी समस्याओं से परेशान हैं, लेकिन दूसरी तरफ, यह कई NGO से जुड़े गौरक्षकाें के लिए यह गाढ़ी कमाई का मौका बन गया है. आजतक की टीम ने यूपी के बागपत जिले में ऐसे कई एनजीओ कर्मियों को पकड़ा जो आवारा पशुओं को खेतों से हटाकर कहीं और पहुंचाने के लिए प्रति पशु 3500 से 6000 रुपये वसूल रहे हैं.

असल में आवारा पशुओं को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार काफी सख्त हो गई है. सभी जिला और निकाय अधिकारियों को 10 जनवरी तक आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में रखने के निर्देश दिए गए थे. यह कहा गया कि आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. अगर कोई काउ शेल्टर में बंद पशु को अपना बताते हुए उसे लेने आता है तो उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है. हालांकि यह डेडलाइन खत्म हो गई है, लेकिन किसानों को अभी इस समस्या से छुटकारा नहीं मिला है.

राज्य में अवैध बूचड़खानों पर सख्ती और उन्हें बंद करने के बाद आवारा गाय-बैल की संख्या तेजी से बढ़ी है. इन आवारा पशुओं का गांवों में आतंक रहता है और ये फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. आजतक की पड़ताल के दौरान यह पता चला कि कई एनजीओ किसानों की इस दुर्दशा का फायदा उठा रहे हैं. बागपत के पुसर गांव में हमें बीमार पशुओं को ढोने वाला एक एंबुलेस मिला. ध्यान फाउंडेशन एनजीओ से जुड़ा यह एम्बुलेंस असल में आवारा पशुओं को ले जा रहा था, जिन्हें ग्रामीणों ने एक पंचायत भवन के भीतर कैद कर रखा था. इसे हमने अपने कैमरे में रेकॉर्ड किया.

एम्बुलेंस के साथ जा रहे स्वयंसेवकों ने हमसे बात में यह दावा किया कि वे इन पशुओं को मुफ्त में नरेला के गोशालाओं में पहुंचाने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये पशु फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिसकी वजह से ग्रामीणों ने इन्हें पीटा भी था. हमें पशुओं की चिंता थी, इसलिए हम यह सब कर रहे हैं. हम मेनका गांधी के एनजीओ पीपल्स फॉर एनिमल्स से जुड़े हैं.

लेकिन ग्रामीणों ने इस एनजीओ के दावे को झूठा बताया. ये एनजीओ पशुओं को ले जाने के लिए मोटा पैसा लेते हैं. असल में गौरक्षकों द्वारा मॉब लिंचिंग के डर की वजह से लोग आवारा पशुओं को किसी अन्य ट्रांसपोर्ट साधन से नहीं ले जाते. एनजीओ इसका ही फायदा उठा रहे हैं. ऋषिपाल सिंह नाम के एक ग्रामीण ने बताया, 'हम गांव के हर किसान से प्रति एकड़ 40 रुपये का चंदा लगा रहे हैं. हमने पांच पशुओं की ढुलाई के लिए 20,000 रुपये दिए हैं, यानी 5,000 रुपये प्रति पशु.'

आजतक ने इस बारे में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और पेटा से जुड़ी अम्ब‍िका शुक्ला से ई-मेल संपर्क किया है, लेकिन अभी उनसे जवाब नहीं मिला है. गौरतलब है कि यूपी में 510 रजिस्टर्ड काउ शेल्टर हैं और 50 जिलों में ऐसे अन्य आश्रयस्थल भी बनाए जाएंगे. हर काउ शेल्टर के लिए सालाना 1.20 करोड़ रुपए का बजट दिया जाता है. एक अनुमान के अनुसार 90 फीसदी ऐसे आवारा पशुओं में बछड़े या बैल होते हैं, गायें महज 10 फीसदी होती हैं. साल 2012 की गणना के अनुसार यूपी में करीब 2 करोड़ गायें हैं.

जब इस बारे में पूछा गया तो जानकारी मिली कि संबंधित शो के लिए उनके पास कंटेंट ही नहीं आया. यह भी बताया कि हमेशा शुक्रवार के शो के लिए स्पेशल कंटेंट आता है, जो वाय चीट इंडिया के शो के लिए नहीं मिला.

पीवीआर के ऑडी 3 में सुबह 10 बजे का शो देखने के लिए बड़े पैमाने पर लोग पहुंचे थे. शो तय समय पर शुरू नहीं हुआ. करीब 40 मिनट वेट करने के बावजूद शो स्टार्ट नहीं हुआ. आखिर में बताया गया, "शो या तो आगे शिफ्ट किया जाएगा या कैंसल. आप लोग देख लीजिए." PVR के कस्टमर केयर पर फोन करने पर बताया गया कि शो कैंसल है.

वाय चीट इंडिया को लेकर दिल्ली एनसीआर के कुछ दूसरे थियेटर्स में भी इस तरह की परेशानियां देखने को मिली. सेक्टर 18 के धर्मा पैलेस में तो मॉर्निंग के लिए 10.30 बजे का शो अरेंज था. पर बुकिंग में दिक्कत बताकर उसे भी रद्द कर दिया गया. फिल्म वाय चीट इंडिया एजुकेशन सिस्टम पर बेस्ड है. इसका निर्देशन सौमिक सेन ने किया है. मूवी में इमरान हाशमी के अपोजिट श्रेया हैं.

Thursday, January 10, 2019

संसद से पास हुआ सामान्य वर्ग का आरक्षण, राष्ट्रपति की मुहर का इंतजार

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद की मंजूरी मिल गई. अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का इंतजार है.

राज्यसभा ने करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दे दी. इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को एक दिन पहले ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था.

उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया. कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाए जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जताई. हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिए लाया गया है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से यह पूछा कि जब उन्होंने सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने का अपने घोषणापत्र में वादा किया था तो वह वादा किस आधार पर किया गया था. क्या उन्हें यह नहीं मालूम था कि ऐसे किसी कदम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति की विशेषता है कि जहां प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एससी और एसटी को आरक्षण दिया वहीं पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की यह पहल की है.

उन्होंने एसटी, एससी एवं ओबीसी आरक्षण को लेकर कई दलों के सदस्यों की आशंकाओं को निराधार और असत्य बताते हुए कहा कि उनके 49.5 प्रतिशत से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है. वह बरकरार रहेगा.

विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के द्रमुक सदस्य कनिमोई सहित कुछ विपक्षी दलों के प्रस्ताव को सदन ने 18 के मुकाबले 155 मतों से खारिज कर दिया. इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा इस विधेयक का समर्थन करने के बावजूद न्यायिक समीक्षा में इसके टिक पाने की आशंका जताई गई और पूर्व में पी वी नरसिंह राव सरकार द्वारा इस संबंध में लाये गये कदम की मिसाल दी गई. कई विपक्षी दलों का आरोप था कि सरकार इस विधेयक को लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लाई है. अन्नाद्रमुक सदस्यों ने इस विधेयक को 'असंवैधानिक' बताते हुए सदन से वॉकआउट किया.

विधेयक पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने सवाल किया कि ऐसी क्या बात हुई कि यह विधेयक अभी लाना पड़ा? उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि इन विधानसभा चुनावों में हार के बाद संदेश मिला कि वे ठीक काम नहीं कर रहे हैं.

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को मैच जिताने वाला छक्का बताते हुये कहा कि अभी इस मैच में विकास से जुड़े और भी छक्के देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह साहसिक फैसला समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्य धारा में समान रूप से शामिल करने के लिए किया है.

उन्होंने इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा पर कहा कि आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा संविधान में नहीं लगाई गई है. उच्चतम न्यायालय ने यह सीमा सिर्फ पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समूहों के लिए तय की है.

Thursday, January 3, 2019

चांद के जिस हिस्से को किसी ने नहीं देखा, वहां चीन ने उतारा स्पेसक्राफ्ट

मध्य प्रदेश में वंदे मातरम् गाने को लेकर सियासत के गलियारों में हलचल मची हुई है. भाजपा की ओर से लगातार हो रहे हमलों और दबाव के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ अपने रुख से पलटने पर मजबूर हो गए. उन्होंने कहा है कि अब पुलिस बैंड के साथ वंदेमातरम् का गायन होगा. बता दें कि अब तक वंदे मातरम् की चली आ रही परंपरा के अनुसार, यह सामूहिक गान मंत्रालय परिसर में मंत्री की मौजूदगी अथवा मुख्य सचिव की उपस्थिति में होता आया है.

इस बीच, 1 जनवरी को भोपाल में मंत्रालय के सामने उद्यान में सामूहिक वंदे मातरम् न गाए जाने के बाद कमलनाथ सरकार घिर गई थी. हालांकि, अब कमलनाथ ने यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने कहा, 'भोपाल में अब आकर्षक स्वरूप में पुलिस बैंड और आम लोगों की सहभागिता के साथ वंदेमातरम् का गायन होगा. हर महीने के पहले कार्यदिवस पर सुबह 10:45 बजे पुलिस बैंड राष्ट्र भावना जागृत करने वाले धुन बजाते हुए शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च करेंगे.'

शिवराज का ऐलान- मैं गाऊंगा, फिर झुके कमलनाथ

साल के पहले दिन वंदे मातरम् का गान नहीं होने के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मामले को हाथों-हाथ लपक लिया और कांग्रेस पर ताबड़-तोड़ हमले शुरू कर दिए. उन्होंने पूछा कि आखिर किसके कहने पर वंदे मातरम् गाने की परंपरा कोतोड़ा गया. शिवराज ने कहा, 'अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें. हर महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् मैं गाऊंगा.'

अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनियाभर में लगातार नए-नए कीर्तिमान रचे जा रहे हैं. चीन ने गुरुवार को वो कर दिखाया जो दुनिया में कोई देश नहीं कर पाया. चांद का वो हिस्सा जो पृथ्वी से कभी दिखता ही नहीं है, उस हिस्से पर चीन ने अपना अपना स्पेसक्राफ्ट चांग-4 उतार दिया. अंतरिक्ष के क्षेत्र में इस कदम को बड़ी क्रांति माना जा रहा है. चांद के इस हिस्से को डार्क साइड कहा जाता है, जो पृथ्वी से देखा नहीं जा सकता है.

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने घोषणा कर बताया कि एक लैंडर और एक रोवर वाला अंतरिक्ष यान सुबह 10.26 बजे (बीजिंग समयनुसार) 177.6 डिग्री पूर्वी देशांतर और 45.5 डिग्री दक्षिण अक्षांश में चांद के अनदेखे हिस्से में उतरा है. ये चांद का वही हिस्सा है जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखता है.

आपको बता दें कि पृथ्वी से चांद का सिर्फ एक ही हिस्सा नजर आता है. इसका कारण ये है कि जब चांद धरती का चक्कर लगा रहा होता है, उसी वक्त वह अपनी धुरी पर भी घूम रहा होता है. यही कारण है कि चांद का दूसरा हिस्सा कभी पृथ्वी के सामने आ ही नहीं पाता है. चीन पिछले काफी लंबे समय से इस मिशन में लगा था, अब जाकर उसका ये मिशन पूरा हो सका.

इससे पहले 2013 में चीन का चांग 3 1976 के बाद चांद पर उतरने वाला पहला स्पेसक्राफ्ट बना था. अब चांग 4 को चीन ने चांद के अनदेखे हिस्से में पहुंचाया है, इसकी मदद से वहां पर उसकी सतह, खनिज के बारे में पता लगाया जाएगा. चीन ने चांग 4 को पिछले ही महीने 8 दिसंबर को लॉन्च किया था. गौरतलब है कि भारत भी जल्द ही अपने दूसरे महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान 2 को लॉन्च कर सकता है. जिसपर दुनियाभर की नजर है.

मध्य प्रदेश में मंत्रालय परिसर में सामूहिक तौर पर वंदेमातरम् गाने की 13 साल पुरानी परंपरा पर अघोषित रोक लगाए जाने के विरोध में भाजपा ने बुधवार को मंत्रालय के सामने स्थित उद्यान में सामूहिक वंदे मातरम् का गायन आयोजित किया. भाजपा ने, हर माह की 1 तारीख कोहोने वाले सामूहिक वंदे मातरम् गायन पर रोक का विरोध करते हुए मंत्रालय के करीब स्थित उद्यान में वंदे मातरम् का समवेत गायन किया.

साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने एक ट्वीट में लिखा, 'मैं और भाजपा के समस्त विधायक विधानसभा सत्र के पहले दिन 7 जनवरी को सुबह 10 बजे वल्लभ भवन के प्रांगण में वंदे मातरम् का गान करेंगे. इस मुहिम से जुड़ने हेतु आप सभी का स्वागत है.'

चौहान ने आगे कहा, 'कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि सरकारें आती है, जाती है लेकिन देश और देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं है. मैं मांग करता हूं कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट मीटिग से पहले और हर महीने की पहली तारीख़ को हमेशा की तरह वल्लभ भवन के प्रांगणमें हो.'

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